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Thursday, 3 March 2016

Bhai Bahan Sex : रक्षा बंधन पे चुदाई बहन भाई की कहानी

Posted By: Unknown - 08:44

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दोस्तों मैं आपको अपनी पिछली रक्षाबन्धन की कहानी सुना रहा हू, जब मेरी बहन दिल्ली आई राखी बाँधने के लिए जयपुर से, और मैने अपने बहन के साथ जिस्मानी रिस्ता कायम किया था, वो कह रही थी की आज तक तुमने जो भी रक्षा बंधन पे जो भी गिफ्ट दिया था वो सबसे बढ़िया गिफ्ट इश्स रक्षा बंधन का गिफ्ट था, पर हम दोनो भाई बहन मे एक डील हुई है की हम दोनो जब तक इश्स धरती पे रहेंगे रक्षा बंधन पे गिफ्ट के बदले सेक्स करेंगे.अब मैं बेशरबी से इस रक्षा बंधन का इंतज़ार कर रहा हू, पर आपको मैं पिछ्ली राखी की कहानी पे आता हू. आप लोग लॅंड अपने हाथ मे ले ले और अगर लड़की / भाभी है तो चूत मे उंगली घुसा ले और कहानी को ध्यान से पढ़े.
मैं जयपुर का रहने बाला हू, और देल्ही मे जॉब करता हू, पिछले साल मुझे रक्षाबन्धन पे छूटी नही मिली, बॉस को बोला की मुझे जयपुर जाना है तो उन्होने मना कर दिया, मैने जब अपनी दीदी को ये बताई तो वो बोली अगर तुम आ नही सकते तो मैं ही आती हू, भाई बहन का प्यार तो रक्षाबन्धन के बिना अधूरा है, तो दीदी शाम को करीब 5 बजे देल्ही पहुच गयी, मैं उनको धौला कुआँ से रिसीव किया और फिर हमलोग अपने फ्लॅट के लिए निकल पड़े, मैं देल्ही अकेले ही रहता हू अशोक विहार मे. शाम को मेरी सिस्टर ने रखी बँधी और फिर हमलोग खाना खाने बाहर गये, मैने दीदी से पूछा की दीदी मैने आपको एक गिफ्ट देना चाहता हू क्या लेना है बताओ. तो वो बोली रहने दे मैं माँग लूँगी तुमसे, मैने काफ़ी ज़िद की की नही आज ही लेना पड़ेगा तो दीदी बोली हा बाबा आज ही ले लूँगी बॅस.

रात को करीब 11 बाज गये मैं दीदी से नाराज़ हो रहा था, की आपने अभी तक मुझे गिफ्ट के लिए नही बोले हो, चलो अब पैसे ही ले लो आप खरीद लेना, नही तो मैने नाराज़ हो जाऊंगा, तो दीदी बोली नही नही ऐसी बात नही. दीदी बोली राज मैं तुमसे इसलिए नही माँग रही हू, की तुम मुझे नही दोगे जो मैं मंगुगी. तो मैने झट से बोल पड़ा दीदी मा कसम आप जो भी मांगोगे मैं दूँगा, आपकी कसम पर मेरे पास होनी चाहिए या तो मेरी औकात के अंदर हो. दीदी बोली मैं 10 मिनिट मे आती हू, बातरूम से.

मैने मोबाइल पे गेम खले रहा था, तभी दीदी कमरे मे आई, मैं देख के हैरान हो गया क्यों की दीदी बिल्कुल नंगी थी, वो कुच्छ भी नही पहनी थी, मैं हैरान हो गया बोला दीदी ये क्या, आपका दिमाग़ तो ठीक है, तो बोली हा राज दिमाग़ ठीक है? पर मेरा मुझे कुछ हो गया है, आज कल मैं एक नई बीमारी हो गयी है, मुझे चुदने का मन करता है, मैं बिना हस्तमैथुन किए नही रह पाती हू, मैं रोज अपने चूत मे बैगन डालती हू तब ही सो पाती हू, मैने एक लेडी डॉक्टर को दिखाया वो बोली की आपको चुदाई की ज़रूरत है किसी लड़के का वीर्य आपके योनि मे जाएगा तो ठीक हो जाएगा, तो मैं सोची अगर ये काम बाहर करूँगी तो बाद मे दिक्कत होगा वो ब्लॅकमेल कर सकता है तुम तो मेरे भाई हो, तुम थोड़े ना अपने बहन को ब्लॅकमेल करोगे, और आकर मेरे से लिपट गयी, उनके दोनो चुचिओं मेरे छाती मे रगड़ खा रहे थे, अपने बहन का गदराया हुआ बदन पहली बार मैने देखा था, इतनी खूबसूरत मेरी बहन थी मुझे आज ही पता चला.

मैने अपने बहन को बाहों मे ले लिया और उसके रशीले होठ को चूसने लगा, उनकी चूचियों को मसलने लगा, वो आआह आआआआह उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ कर रही थी, और बोल रही थी आज तूने खुश कर दिया, अपने बहन को खुश कर दिया, आज मुझे मेरा गिफ्ट मिल गया, मैं खुश हो गयी, आज मेरी चुदाई का भूत उतार दो, फिर मैने हाथ को उपर से सालहाते हुए, नीचे उसके चूत मे उंगली डाली वो उछल पड़ी, मैने फिर से चूत मे उंगली डाली, फिर वो सेक्सी आवाज निकलने लगी और आआआह आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह कर रही थी, चूत से उंगली निकली और चूतड़ को सहलाते हुए गांड मे उंगली डाली वो बोली जरा ठहर जा भाई, पहले तो तुम मेरी चूत की प्यास बुझा दो फिर गांड मे उंगली ओर लौंडा करना.

मै उछाल के उसके पैर के बीच मे बैठ गया और दोनो पैर को फैलाकर जाँघो के बीच आ गया और तकिया गांड के नीचे रख के मैने उसके चूत को चाटने लगा, वो मज़े लेने लगी, उफफफफफफफ्फ़ आआऐईईईई ऊऊऊहह चाट बहन को चाट मेरी चूत को चाट, आज मैं बहूत खुश हू रे, तूने आज खुश कर दिया, फिर मैने अपनी जीभ उसके चूत के उपर छ्होटे से निपल को चाटने लगा वो तो बस भूखी शेरनी की तरह हो गयी, मैने वो मेरे होत को चूसने लगी, मैने उसकी चुचियों को दबाने लगा, वो मदहोश हो रही थी, फिर मैने उसके हाथ को उपर उठा दिया और उसके बगल को चाटने लगा उसके बगल मे काफ़ी घने काले काले बाल थे मैने उसके बगल को चाट चाट कर गीला कर दिया, फिर मैं नीचे चूत पे आया देखा वो पानी छ्चोड़ चुकी थी, मैने फटाफट चूत का पानी पी गया,आप ये कहानी कहानी सेक्स डॉट कॉम पे पढ़ रहे है

फिर वो उठा के बैठ गयी और मुझे धक्का दे के सुला दी और मेरा लॅंड अपने मूह मे लेके चाटने लगी, वो ऊऊओह उफफफफफफफ्फ़ उफफफफफफ्फ़ कर र्ही थी, फिर मैने 69 की पोज़िशन मे आ गया वो मेरा लॅंड और मैं उसका चूत दोनो एक दूसरे को चाटने लगे, फिर क्या था मैने कहा दीदी अब गिफ्ट का समय हो गया है, तो दीदी बोली तुम्हरे गिफ्ट देने से माना कौन कर रहा है, लॅंड को चूत के मुहाने पे रखा और अंदर धकेल दिया, एक बड़ी लंबी आवाज़ मेरी दीदी ने निकली आआआआआआऐईईईईईईईईईई मार गइईईईईईईईईई, मैं तोड़ा रुक गया फिर धीरे धीरे चोदने लगा, वो भी अपना बड़ा गांड को उठा उठा के चुदवाने लगी, फिर मैने उससे घोड़ी बनाया और दोनो चूतड़ को पकड़ के फिर से उसके चूत मे ठोकने लगा, फिर मैं नीचे लेट गया और वो मेरे लॅंड को अपने चूत मे सला ली और उच्छल उच्छल कर चुदवाने लगी, मैने कहा दीदी मैं झड़ने बाला हू, तो बोली इसी का तो इंतज़ार था डॉक्टर ने यही कहा था, डाल दे मेरी चूत मे, और मैने उसके चूत को अपने वीर्य से लबालब भर दिया और दोनो एक दूसरे को पकड़ के सो गये. आपको मेरी कहानी कैसी लगी प्लीज़ रेत करे, मुझे अच्छा लगता है
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मैं जयपुर का रहने बाला हू, और देल्ही मे जॉब करता हू, पिछले साल मुझे रक्षाबन्धन पे छूटी नही मिली, बॉस को बोला की मुझे जयपुर जाना है तो उन्होने मना कर दिया, मैने जब अपनी दीदी को ये बताई तो वो बोली अगर तुम आ नही सकते तो मैं ही आती हू, भाई बहन का प्यार तो रक्षाबन्धन के बिना अधूरा है, तो दीदी शाम को करीब 5 बजे देल्ही पहुच गयी, मैं उनको धौला कुआँ से रिसीव किया और फिर हमलोग अपने फ्लॅट के लिए निकल पड़े, मैं देल्ही अकेले ही रहता हू अशोक विहार मे. शाम को मेरी सिस्टर ने रखी बँधी और फिर हमलोग खाना खाने बाहर गये, मैने दीदी से पूछा की दीदी मैने आपको एक गिफ्ट देना चाहता हू क्या लेना है बताओ. तो वो बोली रहने दे मैं माँग लूँगी तुमसे, मैने काफ़ी ज़िद की की नही आज ही लेना पड़ेगा तो दीदी बोली हा बाबा आज ही ले लूँगी बॅस.

रात को करीब 11 बाज गये मैं दीदी से नाराज़ हो रहा था, की आपने अभी तक मुझे गिफ्ट के लिए नही बोले हो, चलो अब पैसे ही ले लो आप खरीद लेना, नही तो मैने नाराज़ हो जाऊंगा, तो दीदी बोली नही नही ऐसी बात नही. दीदी बोली राज मैं तुमसे इसलिए नही माँग रही हू, की तुम मुझे नही दोगे जो मैं मंगुगी. तो मैने झट से बोल पड़ा दीदी मा कसम आप जो भी मांगोगे मैं दूँगा, आपकी कसम पर मेरे पास होनी चाहिए या तो मेरी औकात के अंदर हो. दीदी बोली मैं 10 मिनिट मे आती हू, बातरूम से.

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